क्या वायरल : कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या से जुड़ी एक खबर। खबर के मुताबिक,हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने जिन पुलिसकर्मियों की हत्या की। उनमें से एक ने मरने से पहले अपने हाथ पर अपराधियों का गाड़ी नंबर लिख लिया था। अब पुलिस इस गाड़ी नंबर के आधार पर अपराधियों को पकड़ने में लगी है।
इस दावे से जुड़ी खबरें
न्यूज वेबसाइट अमर उजाला पर 4 जुलाई को एक फोटो के साथ खबर पब्लिश की गई है।
खबर के एक हिस्से में लिखा है - पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों को एक जांबाज पुलिस वाले के हाथ में कुछ लिखा मिला। डॉक्टरों ने जब हाथ पर लगे खून को हटाया तो एक गाड़ी का नंबर सामने आया। पुलिसकर्मी समझ गया था कि बदमाश उसे मार देंगे।

भारती न्यूज नाम की वेबसाइट ने भी यह खबर पब्लिश की। फोटो भी वही है।
फैक्ट चेक पड़ताल
- कानपुर में शहीद हुए पुलिसकर्मियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जुड़ी कई खबरें हमने पढ़ीं। अमर उजाला वेबसाइट के अलावाकिसी भी प्रमुख न्यूज प्लेटफॉर्म की खबरमें यह उल्लेख नहीं हैकि पोस्टमार्टम के दौरानपुलिसकर्मी के हाथ में गाड़ी का नंबर लिखा मिला था। चूंकि अमर उजाला की खबर के साथ फोटो भी है। इसलिए हमने उसफोटो के जरिए खबरकी सत्यता जांचना शुरू की, जिसे विकास दुबे के गुंडे का गाड़ी नंबर बताया जा रहा है।
- फोटो में हथेली पर गाड़ी नंबर HR56B 8192 लिखा हुआ दिख रहा है। HR सीरीज हरियाणा के वाहनों की होती है। हमने हरियाणा सरकार केसड़क परिवहन और राज मार्ग मंत्रालय की वेबसाइट पर गाड़ी नंबर के जरिए डिटेल्स निकालीं। नंबर डालने पर पता चला कि गाड़ी गुरमीत नाम के व्यक्ति की है।

- हाथ में नंबर लिखी हुई फोटो को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी पंकज नयन काट्वीट मिला।
Hero till last breath!
— Pankaj Nain IPS (@ipspankajnain) July 2, 2020
Ct Ravinder of #SonipatPolice when attacked by criminals, wrote their car number on his hand before taking his last breath. That helped a lot to trace the murderers - one of whom killed in police encounter next day.
No words to the bravery of this man🙏 https://t.co/0S3oauk3papic.twitter.com/kvgBevrf69
- आईपीएस पंकज नयन ने हाथ में नंबर लिखी हुई यही फोटो 2 जुलाई को ट्वीट की है।फोटो के साथ आईपीएस अधिकारी ने जो मैसेज लिखा है : उससे पता चलता है कि इस फोटो का संबंध कानपुर से नहीं, बल्कि हरियाणा से है। हरियाणा के सोनीपत के पुलिस सिपाही रविंदर ने मरने से पहले हत्यारे का नंबर अपनी हथेली पर लिख लिया था। ये फोटो रविंदर की हथेली का ही है।
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आईपीएस पंकज नयन के ट्वीट का हिंदी अनुवाद है - अपराधियों का हमला होने पर सोनीपत पुलिस के कॉन्सटेबल रविंदर ने अंतिम सांस लेने से पहले उनकी कार का नंबर अपने हाथ पर लिखा। इससे हत्यारों का पता लगाने में बहुत मदद मिली - जिनमें से एक अगले दिन पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। इस बहादुरी के लिए कोई शब्द नहीं।
- गाड़ी नंबर की डिटेल्स और आईपीएस अधिकारी का ट्वीट इस तथ्य की ओर इशारा कर रहे थे कि घटना कानपुर की नहीं, बल्कि हरियाणा की है।
- अब हमने हरियाणा में घटी ऐसी घटना से जुड़ी खबरें तलाशनी शुरू कीं। दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर 3जुलाई, 2020 की एक खबर हमें मिली। इस खबर के अनुसार,29 जून को हरियाणा के सोनीपत में गश्त कर रहे दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मरने से पहले कॉन्सटेबल रविंद्रने अपराधियों कीगाड़ी का नंबर अपने हाथ पर लिख लिया था।सिपाही के हाथ पर लिखे इस गाड़ी के नंबर से ही आरोपी पकड़ में आए।
- दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर ही 2 जुलाई की एक अन्य खबर है। इसके अनुसार, सोनीपत में पुलिसकर्मियों की हत्या मामले में गाड़ी नंबर के आधार पर संदीप नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इस खबर में फोटो भी वही है, जिसे अमर उजाला की खबर में कानपुर हत्याकांड का बताया गया है।

- इंडिया टुडे की वेबसाइट द लल्लनटॉप पर4 जुलाई, 2020 की एक खबर हमें मिली। इस खबर में भी हथेली पर लिखे गाड़ी नंबर का फोटो सोनीपत वाली घटना का ही बताया गया है। साथ ही यह भी लिखा है कि गाड़ी गुरमीत नाम के व्यक्ति की निकली। लेकिन, गुरमीत ने पुलिस को बताया कि उसने गाड़ी संदीप को बेची थी। संदीप को जब पुलिस ने गिरफ्तार किया, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

निष्कर्ष : गाड़ी नंबर की डिटेल्स, दैनिक भास्कर की खबर और आईपीएस के ट्वीटसे स्पष्ट होता है कि हाथ में नंबर लिखी हुई फोटो हरियाणा की घटना की है। न की कानपुर में हुए पुलिसकर्मियों के हत्याकांड की।
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