तुर्की के इस्तांबुल में 86 साल बाद म्यूजियम से मस्जिद बनी हागिया सोफिया में पहली बार शुक्रवार को नमाज अदा की गई। राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन के साथ हजारों लोगों ने नमाज अदा की। कोरोना काल के बीच कई शहरों से पहुंचे लोग मस्जिद में जाना चाह रहे थे, लेकिन किसी को अंदर नहीं जाने दिया गया।
इस दौरान मस्जिद के आसपास कड़ी सुरक्षा थी। नमाज के दौरान ज्यादातर लोगों ने मास्क पहना था, हालांकि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नहीं दिखे। इस्तांबुल के गवर्नर अली येरलिकाया ने एक फोटो ट्वीट करते हुए कहा, ‘लोग काफी उत्सुक हैं। हर कोई आज के दिन यहां मौजूद रहना चाहता है।’
1500 साल पुरानी इमारत चर्च रही, फिर म्यूजियम बनी
1500 साल पुरानी यूनेस्को की ये विश्व विरासत मस्जिद बनने से पहले चर्च थी। फिर 1934 में इसे म्यूजियम बना दिया गया। लेकिन इस माह की शुरुआत में तुर्की की कोर्ट ने हागिया सोफिया को मस्जिद में बदलने का रास्ता साफ कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था- ‘हागिया सोफिया अब म्यूजियम नहीं रहेगी। अब इसे मस्जिद माना जाएगा।’ साथ ही कोर्ट ने 1934 के कैबिनेट के फैसले को भी रद्द कर दिया।
आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
from Dainik Bhaskar https://bit.ly/3eWf78g







0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें
WE SHARE YOU THE LATEST NEWS.
YOU CAN COMMENT IN WHAT WAY IT WOULD BE EASIER TO SHARE THE NEWS AND WILL BE MORE COMFORTABLE TO YOU