मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर से मुलाकात कर मध्यप्रदेश के बासमती चावल को जीआई (ज्याॅग्रफिकल इंडिकेशन) टैग दिलवाने का आग्रह किया। सोमवार को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री शिवराज ने बताया कि प्रदेश में बासमती चावल का उत्पादन 13 जिलों में किया जाता है और इससे प्रदेश के लगभग 80 हजार किसान जुड़े हुए हैं। किसानों के हित और चावल की गुणवत्ता को देखते हुए मध्यप्रदेश के बासमती चावल को जीआई टैग देना उचित होगा।
आज कृषि भवन में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी चौहान से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश के बासमती चावल को GI दर्जा देने तथा प्रदेश में कृषि को और अधिक बढ़ावा देने आदि अनेक विषय रखे। pic.twitter.com/BKFw9RjG7A
— Narendra Singh Tomar (@nstomar) July 6, 2020
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 'कृषि भवन में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी चौहान से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश के बासमती चावल को GI दर्जा देने तथा प्रदेश में कृषि को और अधिक बढ़ावा देने आदि अनेक विषय रखे।' केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री के आग्रह पर केंद्र सरकार द्वारा उक्त संदर्भ में हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
13 जिलों के किसानों को फायदा होगा
सीएम शिवराज ने बताया कि मध्यप्रदेश का चावल यहां के किसानों द्वारा विदेशों में भी निर्यात किया जाता है, जिससे लगभग 3 हजार करोड़ की विदेशी मुद्रा हर साल आती है। मध्यप्रदेश के 13 जिलों में मुरैना, भिंड, ग्वालियर, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, विदिशा, रायसेन, सीहोर, होशंगाबाद, जबलपुर और नरसिंहपुर में उत्पादित होने वाले चावल को बासमती टैग न दिये जाने से किसानों को जो लाभ मिलना चाहिए वह अभी नहीं मिल पा रहा है।
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