अरब सागर के पूर्वी हिस्से से लेकर गुजरात-राजस्थान तक ट्रफ लाइन बनी है, जिसके कारण अरब सागर से नमी आ रही है। कश्मीर और लद्दाख में सर्दियां चरम पर हैं। द्रास में -26.8 डिग्री और गुलमर्ग में पारा -9 डिग्री पहुंच गया है। इन इलाकों में 4-5 जनवरी तक बर्फबारी की संभावना है।
कई राज्यों में बारिश हो सकती है। इधर, नए साल के स्वागत और जश्न के बीच हरियाणा में ठंड ने 6, दिल्ली में 15 तो पंजाब में 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वहीं हरियाणा में भी मौसम वैज्ञानिकों ने बारिश होने की संभावना व्यक्त की। राजस्थान के फतेहपुर में माइनस 2 तो चुरू में पारा 0.2 डिग्री पर पहुंच गया है।
दिल्ली में 1.1 डिग्री लुढ़का गिरा पारा, सुबह देर तक छाया रहा घना कोहरा
साल के पहले दिन दिल्ली के लोगों को जबरदस्त ठंड और कोहरे का सामना करना पड़ा। दिल्ली में तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। ये पिछले 15 साल में सबसे कम है। इससे पहले आठ जनवरी 2006 को शहर में न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। पिछले साल जनवरी में न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस रहा था। मौसम विभाग (आईएमडी) ने शनिवार तक शीत लहर के आसार बने रहने का अनुमान जताया है। राजधानी और आसपास के कई इलाकों में सुबह घना कोहरा भी छाया रहा।
कुछ इलाकों में कोहरे के कारण कुछ ही दूरी पर देख पाना कठिन हो गया। आईएमडी के मुताबिक सफदरजंग और पालम में सुबह 6 बजे घने कोहरे के कारण दृश्यता शून्य हो गई। सफदरजंग में न्यूनतम 1.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। यह पिछले 15 साल में सबसे कम तापमान है।
राजस्थान के माउंट आबू में चार दिन बाद माइन से ऊपर उठा तापमान
चार दिन बाद राजस्थान के माउंट आबू का तापमान माइनस से ऊपर उठकर जमाव बिंदु(शून्य) पर आकर ठहर गया, जबकि चूरू में अभी पारा माइनस में ही है। यहां पारा माइनस 0.2 डिग्री दर्ज किया गया। राजधानी जयपुर में 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में 4.1 डिग्री बढ़कर बीती रात 8.7 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया। यहां शाम के समय बादल भी छाए रहे। मौसम विभाग ने अगले तीन-चार दिन ज्यादातर इलाकों में बारिश और ओले गिरने की चेतावनी जारी की है।
MP: भोपाल, उज्जैन और इंदौर में बारिश के आसार, ग्वालियर-चंबल में गिर सकते हैं ओले
शनिवार-रविवार को मध्यप्रदेश के मौसम में बदलाव हो सकता है। शनिवार को झाबुआ, नीमच, ग्वालियर, चंबल संभागों में और रविवार को भोपाल, उज्जैन, इंदौर संभागों में कहीं-कहीं बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। ग्वालियर-चंबल संभागों में कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं।
पंजाब में बठिंडा रहा सबसे ठंडा, पारा पहुंचा माइनस 0.2
ठंड ने पंजाब में 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पिछले 5 दशक के तापमान के रिकॉर्ड के अनुसार 1970 में 20 दिसंबर से 7 जनवरी के बीच पंजाब में रात का औसत पारा 2 डिग्री पर पहुंच गया था। इस बार भी पारा ऐसा ही रहा है, औसतन 2 डिग्री के करीब पहुंच रहा है। तब भी बठिंडा सबसे ठंडा था और इस बार भी बठिंडा -0.2 डिग्री के साथ सबसे ठंडा है।
हरियाणा में 9 साल बाद पारा लगातार दूसरे दिन माइनस में
नए साल के पहले दिन हरियाणा में ठंड ने पिछले 6 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यहां न्यूनतम तापमान माइनस 1.2 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से 8 डिग्री कम है। इससे पहले 6 जनवरी 2014 को यहां न्यूनतम तापमान माइनस 2.1 डिग्री दर्ज किया गया था। हिसार देश के मैदानी इलाकों में सबसे ठंडा रहा। वहां तापमान लगातार दो दिन माइनस मे रहने का रिकॉर्ड 9 साल में टूटा है। इससे पहले 2011 में 25 व 26 दिसंबर को पारा माइनस में था।
शिमला में नहीं बची बर्फ, कुफरी और नारकंडा जा रहे पर्यटक
शिमला में अब बर्फ नहीं बची है। इसलिए अब पर्यटक कुफरी और नारकंडा की तरफ जाने लगे हैं। शुक्रवार को भी बड़ी संख्या मे सैलानी इन जगहों पर पहुंचे। इससे होटलों और पर्यटन से जुड़े कारोबार को भी गति मिल रही है। होटलियरों का मानना है कि अगर अगले कुछ दिनों में बर्फ गिरती है तो इसके पहले से मंद पड़े पर्यटन कारोबार में नई जान आएगी।
बिहार में गया सबसे ठंडा, पहाड़ी बर्फीली हवाएं आज पहुंचेंगी बिहार
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से आ रही बर्फीली हवा पश्चिमी उत्तरप्रदेश तक पहुंच चुकी हैं। शनिवार शाम तक इसके बिहार पहुंचने की संभावना है, जिससे यहां के कई जिलों का पारा गिरेगा और ठंड बढ़ेगी। पिछले 24 घंटे में पटना और गया में रात के पारा में गिरावट दर्ज की गई। इससे ठंड बढ़ी है। 5.6 डिग्री के साथ गया सबसे ठंडा रहा। पटना में भी न्यूनतम पारा में 1.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यह 7.4 डिग्री दर्ज किया गया।
छत्तीसगढ़ में उल्टे हालात, रायपुर में 11 साल में 5वीं बार दिसंबर गर्म
रायपुर में 11 साल में 5वीं बार दिसंबर सबसे ज्यादा गर्म रहा। इस साल 21 दिसंबर को राजधानी का न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री रहा। यह सामान्य से तीन डिग्री कम था। विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार दिसंबर में पश्चिमी विक्षोभ ज्यादा थे, जिनके असर से खाड़ी में सिस्टम बनते रहे और नमी आती रही।
इसलिए पूरे छत्तीसगढ़ में तापमान में ज्यादा कमी नहीं आई। जबकि पिछले 11 वर्षों में 6 बार ऐसा हुआ, जब दिसंबर में ही न्यूनतम पारा 9 डिग्री के आसपास या उससे भी नीचे चला गया। नवंबर के पहले सप्ताह में तापमान 15 डिग्री तक आने के बाद जम्मू-कश्मीर में पश्चिम विक्षोभ आ गया। इसके कारण उत्तर भारत से ठंडी हवा प्रदेश में नहीं आ पाई और ठंड रूक गई।
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from Dainik Bhaskar /national/news/6-in-haryana-15-in-delhi-50-year-record-broken-in-punjab-rain-likely-in-madhya-pradesh-and-rajasthan-128078622.html







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