कोरोना की वैक्सीन को लेकर दुनियाभर में नए विचार, विवाद और टकराव सामने आ रहे हैं। इस बीच डब्ल्यूएचओ के यूरोप के निदेशक हैन्स क्लूग ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि यूरोप में राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन लगाने की जरूरत होगी। यूरोप वैक्सीन के बिना कोरोना के साथ रह सकता है। महामारी को हरा भी सकता है। उसे स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन लगाने होंगे। हम ऐसा तभी कर पाएंगे, जब हम महामारी के साथ रहना सीख लेंगे।’
वहीं, संक्रमण से जूझ रहे सबसे ताकतवर देश अमेरिका ने कहा है कि वह कोरोना वैक्सीन खोजने की किसी भी अंतरराष्ट्रीय पहल में शामिल नहीं होगा, क्योंकि उसमें डब्ल्यूएचओ भी शामिल है। अमेरिका में अब तक 62.72 लाख से ज्यादा कोरोना के केस सामने आ चुके हैं। वहीं 1.85 लाख लोगों की मौत हो चुकी है।
अमेरिका डब्ल्यूएचओ के नेतृत्व में 172 देशों की पहल में शामिल नहीं होगा
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जड डीरे ने कहा, ‘अमेरिका डब्ल्यूएचओ के नेतृत्व में 172 देशों की पहल में शामिल नहीं होगा। महामारी को हराने के लिए अमेरिका अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम करता रहेगा। लेकिन भ्रष्ट डब्ल्यूएचओ और चीन से प्रभावित संस्थाओं के दबाव में नहीं आएगा।’
सिंगापुर के प्रधानमंत्री ने माफी मांगी
उधर, सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग ने महामारी से निपटने में सरकार की गलतियों के लिए माफी मांगी है। यह गलती प्रवासी मजदूरों के मामले में हुई थी, जब 20-20 मजदूरों को एक ही रूम में रखा गया था। पीएम ने कहा कि सरकार को और जल्दी और आक्रामक तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए थी। सिंगापुर में 56,901 केस सामने आ चुके हैं। जबकि 27 लोगों की जान जा चुकी है।
द. कोरिया: वित्त मंत्री बोले- कोरोना काल में फिर लोगों को कैश बांटेंगे
दक्षिण कोरिया कोरोना काल में दूसरी बार लोगों ने कैश बांटेगा। दक्षिण कोरिया के वित्त मंत्री हॉन्ग नैम-की ने कहा, ‘सरकार को दूसरी बार कुछ परिवारों को कैश बांटना होगा, क्योंकि कोरोना के कारण लागू किए गए नियम अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सभी परिवारों को पैसा देने की जगह सिर्फ जरूरतमंदों को पैसा देना ज्यादा प्रभावी होगा।’
अब तक यहां 20,449 कोरोना के केस सामने आ चुके हैं। 326 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15256 लोग ठीक हो चुके हैं।
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